अपने बारे में जानने का प्रयास करें ।

 वर्तमान समय में हर व्यक्ति के मन में वैचारिक संघर्ष जरूर छिडा़ है । चाहे कोई कितना भी धनवान क्यों न हो फिर भी वह अपनी किसी न किसी समस्या को लेकर परेशान है । अधिकांशतः इसमें देखने को मिलता है कि लोग अपनी निजी  जिंदगी से संतुष्ट नहीं है और इससे भी बदतर बात यह है कि सभी अपनी जिंदगी में संतुष्टि चाहते हैं खुशी चाहते है लेकिन उसके लिये प्रयास एक भी नही ंकर रहा है । परिणाम सामने है कि हर दिन सैकड़ो लोग मन के अंतर्द्वंद व वैचारिक संघर्षो से हार मान कर अपनी जीवन लीला को समाप्त कर देते हैं ।

        एसे में आज हमें व हमारे समाज  के लिये यह सबसे महत्तव पूर्ण है कि हम लोग अपने हृदय उदगारो से पार पाकर अपनी महत्वकांक्षाओं पर विजय पाकर जीवन को खुशहाल बनायें । परंतु यह इतना भी आसान नहीं है । इसके लिये हमें खुद से ही शुरुआत करनी होगी । तो वर्तमान समय में छिड़े इस आत्म वैचारिक अंतर्द्वंद में स्वयं को जानने के लिये प्रयासरत्त रहें ।

  • अपने मन को शांत रखने का प्रयास करें किसी भी घटना व विचार पर एक दम प्रतिक्रिया न दें । सोचे समझें व उसके बाद कुछ बोलें । क्योंकि हमारे शब्द भी हमें संकट में डाल देते हैं ।
  • अपने आस पास के वातावरण को देखे यदि वह स्वयं को मौसम के अनूकूल ढाल देता है तो हम क्यों परिस्थितियों को प्रतिकूल बनाने की तरफ तुले रहते हैं । अपने आस पास के  इस वाता वरण से प्रेरणा लें । 
  • घर के इतिहास को जानें । अपने माता पिता व बजुर्गों के बारें में जानने का प्रयास करें इससे हमारे अंदर कुछ बुनियादी गुणो का विकास होता है जो हमें गलत रास्ते में जाने से रोकता है तथा विचारो के संघर्ष में रास्ता दिखा सकता है।
  • घर के संस्कारो को सीखें व धर्म के प्रति रुचि बना कर रखे । धर्म ही इंसान को सही रास्ता दिखा सकता है ।
  • फोन का कम से कम प्रयोग करें ।
  • अहम भाव को त्याग दें । 
  • हर दिन जरूरत मंदो की सेवा के लिये थोड़ा सा समय दें व बाद में उसका बखान न करें ।
  • व सबसे जरूरी बात कि व्यर्थ की अकांक्षाओं को न पालें क्योंकि ये हमेशा दुख ही देती है ।

इस तरह हम सभी अपने बारे में थोड़ा बहुत जानते हुए इस अंतर्द्वद से पार पा सकते है ।
यदि आपके पास भी कोई अन्य सुझाव है तो नीचे कमैंट बॉक्स में जरूर दे । ताकि हम सभी अपने आप को स्वार्थों व महत्मकांक्षाओं व अहम से दूर ले जाकर सत्कर्म  में लगे रहे । 

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